मेरे जीने का तरीका ही बेबाकी है औरएकदम अलग हे
आपके उसुल और सलीके मेरे उसुलों से मेल खाते नहीं हैं।
बुझी है कभी क्या जिह्वा का स्वाद नये नये उसुलों से
कमबख्त छाले भी पड़ते हैं पैरों में उसुलों के वजह से भी
जीवन की सन्ध्या में
अनमना सा यादों को सहेज कर
अनजान दिशा में जा रहा था
एकाएक एक पल की संगति
हीरक सी शोभति नदी से हुई
न जाने क्यों सदी भर की
स्मृति बन गईं है
ये जन्मदिन भी क्या है
एक दिन
बाकी बचे दिनों से
कितनी निश्ठुरता से
आयु का एक बरस चुरा कर ले जाता है
Came Noida on 2 June,2023 from Gulmohar Enclave. 22 जनवरी को दिल्ली आया शिवम के साथ स्नेहा का ring ceremony 29 जनवरी कै था।