Friday, 16 June 2023

 मेरे जीने का तरीका ही बेबाकी है  औरएकदम अलग हे


आपके उसुल और सलीके  मेरे उसुलों से मेल खाते नहीं हैं।


बुझी है कभी क्या जिह्वा का स्वाद नये नये उसुलों से 

कमबख्त छाले भी पड़ते हैं पैरों में उसुलों के वजह से भी 





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